बिक्री का इतिहास।
 

 बिक्री की कहानी की शुरुआत कब हुई  इसका सही समय बता पाना संभव नहीं है परंतु ऐसा माना जाता है कि  सभ्यता  आरंभ होने के साथ ही  क्रय -विक्रय की शुरुआत हो चुकी थी। आरंभ में मनुष्य अपनी जरूरत की वस्तु के लिए दूसरे व्यक्ति से संपर्क करता था और अपनी जरूरत की वस्तुओं को दूसरे व्यक्ति से उसकी जरूरत की वस्तु को देकर  ले लेता था।  समय जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया   लोग धन के लिए व्यापार करने लगे और वस्तुओं को संग्रहित कर उसका मूल्य निर्धारित करने लगे  और मूल्य के बदले वस्तु को बेचने लगे और इस तरह से बिक्री का प्रारंभ हुआ। इसके बहुत से साक्ष्य हमें हमारी पूरानी सभ्यताओं में मिलते हैं।  जैसे सिंधु घाटी  सभ्यता , मिश्र की सभ्यता , मेसोपोटामिया की सभ्यता, सुमेरियन सभ्यता आदि। इन सभी सभ्यताओं से व्यापार के बहुत से साक्ष्य हमें मिले हैं। 

जब देशों  का गठन हुआ उसके बाद से प्रत्येक देश की अपनी मुद्राएं वहां के नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई जो धातुओं और कागज की होती थी। क्रय -विक्रय की सारी प्रक्रिया इन मुद्राओं  के द्वारा होने लगी। उसके बाद घर - घर जाकर वस्तु बेचने की प्रक्रिया भी शुरू हुई। जिसे एक महिला जिनका नाम Persis Foster Eames Albee(जन्म -May 30, 1836) था ने 1886 ई. में perfumes बेचने से शुरू की और काफी मुनाफा कमाया। उसके बाद Door to Door सेल्लिंग  में career की शुरुआत हो गई। उसके बाद धीरे -धीरे बहुत सी कम्पनयों ने इसमें कदम रखा। बिक्री के इतिहास के बारे में मैंने छोटी जानकारी आप लोगों को देने की कोशिश की है।आशा करता हूँ  लेख आप सभी को लिए उपयोगी होगा। इस विषय से संबंधित वीडियो देखने के लिए कृपया 👉 क्लिक करें। आप सभी का धन्यवाद 🙏- Mritunjay Pathak